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235 मिनट के रनटाइम के साथ ‘धुरंधर: द रिवेंज’ रचेगी इतिहास? हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में होगी शामिल

On: March 1, 2026 10:46 PM
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235 मिनट के रनटाइम के साथ ‘धुरंधर: द रिवेंज’ रचेगी इतिहास? हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में होगी शामिल
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235 मिनट के रनटाइम के साथ ‘धुरंधर: द रिवेंज’ रचेगी इतिहास? हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में होगी शामिल

बॉलीवुड में बड़े कैनवास की फिल्मों का दौर एक बार फिर लौटता नजर आ रहा है। आने वाली फिल्म Dhurandhar: The Revenge अपने असाधारण 235 मिनट यानी लगभग 3 घंटे 55 मिनट के रनटाइम को लेकर चर्चा के केंद्र में है। यदि यह अवधि अंतिम रूप से तय रहती है, तो यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में शामिल हो सकती है। आज के समय में जब अधिकांश फिल्में 120 से 150 मिनट के भीतर समाप्त हो जाती हैं, लगभग चार घंटे लंबी फिल्म का निर्माण अपने आप में एक साहसिक निर्णय माना जा रहा है। यह संकेत देता है कि मेकर्स कहानी के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहते।

235 मिनट: केवल लंबाई नहीं, बल्कि एक विस्तृत सिनेमाई अनुभव

इतना लंबा रनटाइम आमतौर पर उन्हीं फिल्मों को दिया जाता है जिनकी कहानी कई स्तरों पर चलती है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में बिभिन्न पहलू देखने को मिलता है जैसे की

235 मिनट के रनटाइम के साथ ‘धुरंधर: द रिवेंज’ रचेगी इतिहास? हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में होगी शामिल
235 मिनट के रनटाइम के साथ ‘धुरंधर: द रिवेंज’ रचेगी इतिहास? हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में होगी शामिल
  • बहु-स्तरीय कथानक हो सकता है

  • मुख्य किरदार की लंबी यात्रा दिखाई जा सकती है

  • राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि शामिल हो सकती है

  • इमोशनल और एक्शन सीक्वेंस का संतुलन देखने को मिल सकता है

रिवेंज ड्रामा शैली की फिल्मों में किरदार की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को विस्तार से दिखाना जरूरी होता है। संभव है कि यही कारण हो कि फिल्म को लगभग चार घंटे का समय दिया गया है।

हिंदी सिनेमा की लंबी फिल्मों की परंपरा

हिंदी सिनेमा में पहले भी कई लंबी फिल्में बनी हैं जिन्होंने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उदाहरण के तौर पर जैसे की

  • Mera Naam Joker

  • Lagaan

  • LOC: Kargil

  • Gangs of Wasseypur

इन फिल्मों ने यह साबित किया कि अगर कहानी में दम हो तो लंबाई दर्शकों के लिए बाधा नहीं बनती। अब ‘धुरंधर’ भी उसी श्रेणी में अपनी जगह बनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है।

कहानी को लेकर क्या संकेत मिल रहे हैं

235 मिनट के रनटाइम के साथ ‘धुरंधर: द रिवेंज’ रचेगी इतिहास? हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में होगी शामिल
235 मिनट के रनटाइम के साथ ‘धुरंधर: द रिवेंज’ रचेगी इतिहास? हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में होगी शामिल

हालांकि फिल्म की आधिकारिक कहानी सामने नहीं आई है, लेकिन नाम से स्पष्ट है कि यह एक बदले की कहानी है। सूत्रों के अनुसार फिल्म में एक ऐसे व्यक्ति की यात्रा दिखाई जा सकती है जिसे गहरा धोखा मिलता है और जो परिस्थितियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचता है। संभावना है कि कहानी कई समयकालों में फैली हो, जिसमें अतीत और वर्तमान दोनों को समान महत्व दिया गया हो। इतना लंबा रनटाइम इस बात की ओर इशारा करता है कि फिल्म में कई महत्वपूर्ण किरदार और जटिल संबंध हो सकते हैं।

मेकिंग स्केल और प्रोडक्शन वैल्यू

बताया जा रहा है कि फिल्म बड़े बजट पर बनाई जा रही है। भव्य लोकेशन्स, दमदार सिनेमैटोग्राफी और प्रभावशाली बैकग्राउंड स्कोर इसकी प्रमुख विशेषताएं हो सकती हैं। लंबे रनटाइम से यह भी स्पष्ट है कि एडिटिंग में कहानी को संक्षिप्त करने के बजाय उसे विस्तार से प्रस्तुत करने का फैसला लिया गया है।

बॉक्स ऑफिस गणित पर असर

235 मिनट की फिल्म होने के कारण थिएटर में प्रतिदिन कम शो चल पाएंगे। इसका सीधा असर कलेक्शन स्ट्रेटेजी पर पड़ सकता है। मल्टीप्लेक्स को शेड्यूलिंग में बदलाव करना पड़ सकता है। हालांकि, यदि फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है और दर्शकों के बीच मजबूत वर्ड ऑफ माउथ बनता है, तो यह लंबाई उसकी सफलता में बाधा नहीं बनेगी। कई बार लंबे फॉर्मेट की फिल्में दर्शकों को ज्यादा संतुष्ट अनुभव देती हैं, जिससे रिपीट ऑडियंस भी बढ़ सकती है।

आधुनिक दर्शक और लंबा रनटाइम

डिजिटल युग में दर्शकों की देखने की आदत बदल चुकी है। छोटे फॉर्मेट के कंटेंट की लोकप्रियता बढ़ी है, लेकिन बड़े पर्दे पर भव्य और गहन कहानी का अनुभव अभी भी अलग महत्व रखता है। यदि ‘धुरंधर’ अपनी कहानी और प्रस्तुति से दर्शकों को बांध पाती है, तो इसकी लंबाई इसकी पहचान बन सकती है।

इंटरवल और नैरेटिव स्ट्रक्चर

करीब चार घंटे की फिल्म में इंटरवल का स्थान बेहद अहम होगा। संभावना है कि इंटरवल से पहले कहानी एक बड़े मोड़ पर पहुंचे, जिससे दर्शकों की उत्सुकता बनी रहे। दूसरे हिस्से में संघर्ष और चरम बिंदु को विस्तार से दिखाया जा सकता है।

इंडस्ट्री पर संभावित प्रभाव

यदि ‘धुरंधर: द रिवेंज’ सफल होती है, तो यह हिंदी सिनेमा में बड़े और विस्तृत नैरेटिव की वापसी का संकेत हो सकता है। निर्माता और निर्देशक फिर से लंबी, गहरी और मल्टी-लेयर्ड कहानियों पर निवेश करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का 235 मिनट का रनटाइम इसे सामान्य फिल्मों से अलग बनाता है।

यह केवल एक रिवेंज ड्रामा नहीं बल्कि एक विस्तृत सिनेमाई प्रस्तुति के रूप में सामने आ रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म अपनी लंबाई के साथ न्याय कर पाएगी और दर्शकों को लगभग चार घंटे तक सीट से बांधे रख पाएगी। यदि कहानी प्रभावशाली रही, तो यह फिल्म हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक अलग स्थान बना सकती है।

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